कहें आपसे हम बच्चे

रमेशराज

भेदभाव की बात न हो
घायल कोई गात न हो। 
पड़े न नफ़रत दिखलायी
रहें प्यार से सब भाई।
करें न आँखें नम बच्चे
कहें आपसे हम बच्चे।

 

हम छोटे हैं- आप बड़े 
यदि यूँ ही अलगाव गढ़े 
नहीं बचेगी मानवता
मुरझायेगी प्रेम-लता
झेलेंगे हम ग़म बच्चे
कहें आपसे हम बच्चे।

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