कृष्णा वर्मा

कृष्णा वर्मा

कृष्णा वर्मा

शिक्षा : दिल्ली विश्वविद्यालय

प्रकाशित कृतियाँ, वर्ष एवं प्रकाशन :
पुस्तकें : 
"अम्बर बाँचे पाती" (हाइकु संग्रह) २०१४, हिन्दी राइटर्स गिल्ड, कनाडा से प्रकाशित, २०१४ द्वितीय संस्करण, अयन प्रकाशन, भारत से।
संग्रहों में प्रकाशित रचनाएँ :

  1. यादों के पाखी (२०१२-हाइकु संग्रह)
  2. अलसाई चाँदनी (२०१२-सेदोका संग्रह)
  3. उजास साथ रखना (२०१३-चोका संग्रह)
  4. आधी आबादी का आकाश (२०१४-हाइकु संग्रह)
  5. पीर भरा दरिया (२०१६-माहिया संग्रह)
  6. स्वप्न-श्रंखला (२०१८-हाइकु संग्रह)
  7. झरा प्यार-निर्झर (२०१८-तांका संग्रह)
  8. गीले आखर (२०१८-चोका संग्रह)
  9. लघुकथा अनवरत एवं कविता अनवरत संकलनों में रचनाएँ।

समीक्षा लेखन :

  • "लघुकथा का वर्तमान परिदृश्य"-लघुकथा समालोचना (रामेश्वर काम्बोज ’हिमांशु’)
  • “तुम सर्दी की धूप"- काव्य-संग्रह (रामेश्वर काम्बोज ’हिमांशु’)
  • “ज़रा रोशनी मैं लाऊँ"- काव्य-संग्रह (डॉ. भावना कुँअर)
  • “घुँघरी"-काव्य-संग्रह (डॉ. कविता भट्ट)
  • “वादों की परछाइयाँ"- उपन्यास (पूनम चंद्रा ’मनु’)

पत्र-पत्रिकाओं, वेब-पत्रिकाओं में प्रकाशन : 

हिन्दी चेतना, गर्भनाल, सादर इण्डिया, नेवा: हाइकु, शोध दिशा, सरस्वती सुमन, अम्स्टेल गंगा, गवेषणा, हरिगंधा, हाइफन, हिन्दी-टाइम्स, पत्र-पत्रिकाओं एवं
 नेट : हिन्दी हाइकु, त्रिवेणी, सहज साहित्य, लघुकथा.कॉम , साहित्य कुंज.नेट, अनुभूति-अभिव्यक्ति.ऑर्ग, रचनाकार, उदन्ती.कॉम आदि में हाइकु, ताँका, चोका, सेदोका, माहिया, कविताएँ, क्षणिकाएँ, लघुकथाओं एवं समीक्षाओं का प्रकाशन।

उपलब्धि : सरदार पटेल विश्वविद्यालय की शोधार्थी पूर्वा शर्मा के शोधपत्र के एक अध्याय "सरहद के पार : हिन्दी हाइकुकार" में मेरे हाइकु शामिल।

पुरस्कार : विश्व हिन्दी सचिवालय की अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी कविता प्रतियोगिता (2013) में द्वितीय स्थान प्राप्त।

प्रशस्ति पत्र : हिन्दी प्रचारणी सभा व हिन्दी चेतना (कैनेडा) द्वारा काव्य साधना एवं हाइकु विधा के प्रति अनुराग हेतु प्रशस्ति पत्र की प्राप्ति।

अभिनय : हिन्दी राइटर्स गिल्ड द्वारा मंचित (मित्रो मरजानी) (जनाबाई) (चीफ की दावत) तथा (उधार का सुख) नाटकों में माँ की भूमिका।

 सम्प्रति : स्वतंत्र लेखन, हिन्दी राइटर्स गिल्ड की परिचालन निदेशिका। कनाडा की त्रैमासिक पत्रिका हिन्दी चेतना के परामर्श-मंडल की सदस्या।