उदास दिन

15-09-2019

आज का दिन ,
सबसे
उदास दिन,
कोई रंग नहीं
जीवन की
सुगंध नहीं।  
यह दिन
गुज़रा है,
पास से
ऐसे, 
गुज़रता है,
राह में 
अनजान मुसाफिर जैसे।
सब धुआँ-धुआँ
सा लगता है,
रेत में तूफ़ां जैसे।
काटे नहीं कटा 
ये दिन,
लगा युगों के जैसे।

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