23-01-2019

सुरंगमा यादव ताँका - 1

डॉ. सुरंगमा यादव

1. 
निज शक्ति का
हनुमत को जब 
हुआ आभास
पल में लाँघ लिया 
निस्सीम पारावार ।

2.
प्रकृति सदा 
निरत रहती है 
निज कार्यों में 
मनुज होकर तू
व्यर्थ वक़्त बिताये।

3.
पथ बाधा से 
विचलित होकर 
जीवन व्यर्थ 
सच्चा मनुज वही 
जो करता संघर्ष।

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