आज
फिर से
सीने में
आग लगी है...
बद्दुआ निकलती है
उनके लिये...

बहुत ग़ुस्सा है
मन... में

क्यों?

क्योंकि
किसीने
देश जलाया है
जवान जलाये हैं
परिवार जलाये हैं
आतंक मचाया है

वो
कौन है?

मुझे नहीं पता
पर....

लोग उन्हें
आतंकवादी
कहते हैं।

मन से
बद्दुआ की
ज्वाला निकलती है
उनको जला देने की
मिटा देने की

फिर हमने
जुलूस निकाले
उनकी हाय हाय की
झंडे जलाये
मोमबत्ती जलाई
मौन भी रखा

फिर?

फिर
हम सो गये....

कुछ साल बाद
फिर से
कोई
देश जलायेगा
अटैक करेगा
बोंब डालेगा

और
हम 
फिर से....
फिर से....
फिर से....

0 Comments

Leave a Comment