मन के भाव

आस्था

मन के भाव
संस्कार की
देहलीज़ 
पर अटके हुए
भक्ति से भरे हुए
बहुत ही पावन।
धर्म के नियमों
में बँधकर
मर्यादा का उल्लंघन
करे बिना ही 
मन ही मन
उमड़ उमड़ कर
रिश्ते की
पवित्रता को
और और और
बढ़ाते 
ये मन के भाव।

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