लौट चलें

01-08-2019

आओ 
वापस लौट चलें
इन 
भीड़ भरे शहरों से
अपने गाँव की 
पगडंडियों की ओर।

खेतों की मेड़ पर
सुबह-सुबह 
ओस से नहाई
हरी घास पर
नंगे पाँव

टहलते हैं।
वापस 
बुला रहे हैं
गाँव के 
हरे भरे खेत,
पोखर ..
जिसमें तैरते होंगे
इस समय 
गाँव के सारे बच्चे।

दोपहरी
बिताएँगे
आम के बाग़ में
किसी पेड़ के नीचे।

एक बार फिर
गाय-भैंसों को।
चौका नदी की तरफ़
चराने ले जायेंगें।
वहाँ
खेलेंगे 
गिल्ली-डंडा
बच्चा बन 
बच्चों के संग।

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