कौन समझा है कौन जाना है

01-01-2021

कौन समझा है कौन जाना है

कु. सुरेश सांगवान 'सरू’

2122       1212    22
 
कौन समझा है कौन जाना है
उम्र भर ये चला चली क्या है
 
है चलन ये गए ज़माने का
अब उसूलों पे कौन चलता है
 
देखकर तो पता नहीं चलता
कौन मीठा है कौन खारा है
 
दर्द फैला हुआ तो है हरसू
बस कहीं कम कहीं ज़ियादा है
 
मैंने महबूब की नज़ारत में
एक खिलता गुलाब देखा है 
 
जाल जिसमें बना लिया तुमने
मकड़ियों ये मकान किसका है
 
है डगर तो वही पुरानी सी
प्यार में सब नया नया सा है
 
चाहिए जाम आजकल सबको
सब्र के घूँट कौन पीता है

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