जब तू बूढ़ी हो जाएगी

01-12-2019

जब तू बूढ़ी हो जाएगी

नासिर अख़्तर इंदौरी 

जब तू बूढ़ी हो जाएगी,
मैं भी बूढ़ा हो जाऊँगा,
मैं तब भी तुमको चाहूँगा,
मैं फिर भी तुम को चाहूँगा,

मैं नए सृजन बरसाऊँगा,
मैं नए राग में गाऊँगा,
मैं गीत लिखूँगा नए नए,
मैं नयी ग़ज़ल दोहराऊँगा,
पर गीत तेरे ही गाऊँगा,
हर रस तेरे बरसाऊँगा,
नित नवल सृजन कर जाऊँगा,
जब तू बूढी हो जाएगी,
मैं भी बूढ़ा हो जाऊँगा,
पर फिर भी तुमको चाहूँगा. . .

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