जाने जीवन किस ओर चला

01-12-2020

जाने जीवन किस ओर चला

सुषमा दीक्षित शुक्ला 

पल की सुधि में युग बीत गए,
          जाने जीवन किस ओर चला॥
जिस पल से मन के मीत गए,
          जाने दर्पण किस ओर चला॥
वो माँग सिंदूरी श्वेत हुई,
          जाने यौवन किस ओर चला॥
जिस पल से मन के मीत गए,
          जाने जीवन किस ओर चला॥
है लाली चूनर तार-तार,
          जाने कंगन किस ओर चला॥
वो मीठी बातें प्रियतम की,
          वो मधुर मिलन किस ओर चला॥
जिस पल से मन के मीत गए,
          जाने जीवन किस ओर चला॥

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें