भालू जी की शाला

नरेंद्र श्रीवास्तव

भालूजी   की  शाला  में
पढ़ते  सभी पशु - पक्षी।
पूरे  वन  में जानी जाती
शाला   सबसे   अच्छी॥

गैरहाज़िर  न  रहता  कोई
सब  मन  लगाकर  पढ़ते।
यूनिफ़ॉर्म  पहिनकर  आते
और  अनुशासन  में रहते॥

एक   बार   आए  मंत्री जी
शाला  का  किया निरीक्षण।
पूछे  गए  सवालों  के  उत्तर
छात्रों   ने   दिए   तत्क्षण॥

खेलकूद   में   अव्वल   सब
दिखलाया संगीत  में कमाल।
चित्रकारी और  मॉडल में भी
बहुत       हुए        धमाल॥

साफ़  -  सफ़ाई  शाला  की
और   देख   खेल   मैदान।
मंत्री जी   ख़ुश   हुए  बहुत
खिली  चेहरे  पर  मुस्कान॥

पूरे  भाषण  में  करी उन्होंने
सबकी       खूब      बड़ाई।
नोट पाँच सौ का देकर बोले
मिल के सब खाओ मिठाई॥

0 Comments

Leave a Comment