अच्छा लगता है  

01-01-2020

अच्छा लगता है  

अनुपमा रस्तोगी

सुबह बिस्तर पर बिखरी चादर 
की बिना कहे कोई तेह बना दे 
तो अच्छा लगता है।


यूँ ही कभी कभी रोज़मर्रा के
मेरे कामों को बाँटे, सराहे
तो अच्छा लगता है।


साथ बैठे, बातें करे
मेरी सुने और अपनी कहे
तो अच्छा लगता है।


बिना कहे मेरा  दर्द समझे 
और दुखती पीठ पर बाम लगाए
तो अच्छा लगता है।


मन में भरे प्यार को दिखाए
और मेरा ध्यान भी रखे 
तो अच्छा लगता है।

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