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ISSN 2292-9754

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07.15.2014


हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला द्वारा डॉ. उर्मिला कौशिक ‘सख़ी’ के हरियाणवी उपन्यास ‘सैल्यूट’ का लोकार्पण
डॉ. सुशील ‘हसरत’ नरेलवी

पंचकूला: 8 जून, 2.14 - हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा अकादमी सभागार में 23वीं मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन डॉ. एस.के. पुनिया, वरिष्ठ लेखक एवं डाक्टर (सेवानिवृत) पी.जी.आई., की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें वरिष्ठ साहित्यकार एवं संपादक डॉ. ब्रजेन्द्र त्रिपाठी, उप सचिव, साहित्य अकादेमी, दिल्ली मुख्य अतिथि के तौर पर शोभायमान रहे। मंच संचालन डॉ. बिजेन्द्र ने किया।
इस अवसर पर ‘मंथन’, चण्डीगढ़ की प्रेस सचिव डॉ. उर्मिला कौशिक ‘सख़ी’ के हरियाणवी उपन्यास - ‘सैल्यूट’ का लोकार्पण मंचासीन महानुभावों के करकमलों द्वारा किया गया। डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’, निदेशक, हरियाणा साहित्य अकादमी ने उपन्यास ‘सैल्यूट’ पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपन्यास जहाँ एक ओर हरियाणा की ग्रामीण संस्कृति को रेखांकित करता है वहीं प्रदेश की गौरवशाली सैनिक परम्परा के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल भी करता है। यह उपन्यास एक शहीद की युवा विधवा पत्नी के जीवन सघर्ष की यथार्थवादी कहानी कहता हुआ सभी शहीदों एवं सैनिकों को सैल्यूट करता है। यह कहीं गुदगुदाता है, कहीं द्रवित, व्यथित चिंतनशील करता है तो कई मौक़ों पर अन्तर्मन को झकझोर कर आत्ममंथन व प्रतिकार के लिए विवश कर देता है। इसमें स्त्री-चेतना का स्वर पुरज़ोर मुखर हुआ है। पात्र-चरित्र चित्रण, शैली व भाषा सराहनीय है तो कथ्य ग़ज़ब की पठनीयता लिए हुए है।

तत्पश्चात काव्य पाठ में विशेष आमन्त्रित कवि डॉ. ब्रजेन्द्र त्रिपाठी व डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’ ने अपने रचना पाठ से श्रोताओं को मन्त्रमुग्ध किया एवं उनके अतिरिक्त स्थानीय कवियों में किदार नाथ किदार, डॉ. सुभाष रस्तोगी, डॉ. मीरा गौतम, डॉ. उर्मिला कौशिक ‘सख़ी’, रश्मि खरबन्दा, सतनाम सिँह और जसविन्दर शर्मा ने कविता पाठ किया। अन्त में अकादमी निदेशक डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’ ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अतिथियों, मीडिया कर्मियों व श्रोताओं का धन्यवाद किया।

डॉ. सुशील ‘हसरत’ नरेलवी
अवैतनिक संस्थापक अध्यक्ष ‘मंथन’, चण्डीगढ़
चलभाश:92165.1966


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