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05.03.2012
 
हर काम अच्छे के लिए होता है
विजय विक्रान्त

महाराजा शमशेर बहादुर को शिकार खेलने का बहुत शौक था। 

  Mahaaraajaa Shamsher bahaadur ko  shikaar    khelane    kaa    bahut  shauk   thaa.

शिकार में सदा उनके साथ उनका वज़ीर गजराज सिंह होता था 

Shikaar mein sadaa unake   saath    unakaa    vazeer   Gajaraaja    singh    hotaa      thaa

और वो शिकार खेलने में राजा का मार्गदर्शन करता था। एक बार

aur    vo     shikaar    khelane   mein   raajaa kaa maargadarshana karataa thaa.   Ek   baar

बन्दूक चलाते हुए राजा का घोड़ा बिदक गया, राजा नीचे गिर गए

banduuk  chalaate  hue  raajaa    kaa   ghorhaa bidak    gayaa,    raajaa  neeche  gir   gaye

और उनकी छोटी उँगली कट गयी। गजराज सिंह ये सब देख रहा

aur     unakee    chhotee  ungalee   kat   gayee.      Gajaraaja    singh    ye  saba  dekha rahaa

था। राजा के पास आकर बोला, महाराज जो कुछ भी होता है अच्छे

thaa. raajaa   ke   paas      aakar   bolaa,    “mahaaraaj   jo    kuchh    bhee    hotaa  hai achchhe

के लिये होता है। महाराजा को ये बात अच्छी नहीं लगी। राजधानी

ke    liye    hotaa     hai.”  Maharaajaa    ko   ye    baat     achchhee   nahin   lagee. Raajdhaanee

 में लौट कर सब से पहले राजा ने क्रोध में आकर गजराज सिंह

mein     laut    kar   saba   se  pahale   raajaa  ne   krodh    mein   aakar   Gajaraaj    singh

को हवालात में बन्द कर दिया।

ko    havaalaat    mein   band   kar   diyaa.

दिन बीतते चले गये। राजा को शिकार का शौक आया मगर इस

Din     beetate chale    gaye. Raajaa   ko   shikaar    kaa   shauk    aayaa       magar     is

बार वो अकेले ही गये। गजराज सिंह तो बेचारा हवालात में चक्की

 baar  vo     akele    hee    gaye.   Gajaraaj     singh    to   bechaaraa havaalaat mein   chakkee

पीस रहा था। शिकार की खोज में राजा को ध्यान नहीं रहा, वो

 pees rahaa thaa.  shikaar    kee       khoj   mein    raajaa ko    dhhyaana naheen rahaa, vo

भटक गये और अपनी सीमा पार करके अकेले ही भीलों के देश में

bhatak  gaye   aur     apanee   seemaa paar   karake   akele    hee     bheelon  ke  desh  mein

जा पहुँचे। इन भीलों पर राजा ने बहुत अत्याचार किये थे। आज

jaa pahunche. In      bheelon   par   raajaa  ne   bahut      atyaachaar     kiye     the.    Aaj

उन्हें अपना बदला लेने का अच्छा मौका मिला था।
unhen    apanaa  badalaa   lene  
kaa  achchhaa   maukaa milaa thaa.

उन्होंने राजा को पकड़ के एक पेड़ से बांध दिया और बलि की

Unhonne   raajaa    ko pakarha   ke   ek    perha  se  baandhh  diyaa   aur     bali    kee

तैयारी करने लगे। राजा बेबस था। कुछ कर भी नहीं सकता था।
taiyaaree karane lage.   Raajaa  
bebas  thaa.    kuchh   kar    bhee nahin   sakataa    thaa.

पूजा के बाद भील पुजारी ने भील सरदार को आदेश दिया कि राजा 

Poojaa ke baad bheel   pujaaree    ne   bheel    sardaar    ko    aadesh     diyaa    ki    raajaa

का सिर काट कर देवता के चरणों में चढ़ा दिया जाए। जैसे ही

 kaa   sir    kaat    kar   devataa     ke    caran(n)on  mein  chardhaa  diyaa  jaaye. Jaise hee

भीलों के सरदार ने राजा का सिर काटने को अपनी तलवार उठाई

bheelon  ke   saradaar    ne raajaa  kaa sir     kaatane    ko    apanee    talavaar     uthaaee 

उसकी निगाह राजा की कटी उंगली पर पड़ गई। उसने अपना हाथ

usakee   nigaah    raajaa   kee   katee  ungalee    par   parha gayee.  Usane    apanaa haatha

रोक कर पुजारी से कहा,पण्डित जी, क्योंकि इस राजा का शरीर

rok     kar     pujaaree se    kahaa,  “Pandit    jee,    kyonki     is     raajaa      kaa     shareer

खण्डित है, इस कारण इस की बलि नहीं चढ़ाई जा सकती। पण्डित

khaNdit   hai,  isa    kaaran(n)    is    kee    bali    naheen  chardhaaee jaa sakatee.”   PaNdit

जी ने जब ये सब देखा तो कहने लगे - सरदार ठीक कहता है।

jee   ne   jaba   ye   saba   dekhaa to kahane lage   -    “Saradaar     theek    kahataa    hai.

चूंकि ये राजा बलि के योग्य नहीं है, इस को छोड़ दिया जाए। ऐसा

chuunki  ye  raajaa  bali   ke    yogya    naheen   hai, is ko    chhod   diyaa   jaae.”     aisaa

कह कर भीलों ने राजा को छोड़ दिया और वह अपनी राजधानी को

kah   kar    bheelon   ne   raajaa   ko  chhorha diyaa    aur   vah    apanee    raajadhaanee   ko

लौट आया। वापस आकर राजा ने सब से पहले गजराज सिंह को

laut   aayaa.     Vaapas    aakar    raajaa     ne     sab     se   pahale   Gajraaj     singh    ko

कारागार से बुलाया, उस से क्षमा मांगी और पूरे सम्मान के साथ

 kaaraagaar se bulaayaa,  us  se    kshamaa  maangee aur poore sammaan     ke    saath

अपने पास बिठाकर कहा, गजराज सिंह तुम ने ठीक कहा था, हर

apane    paas    bithaakar   kahaa“Gajraaj     singh      tum     ne     theek   kahaa thaa, har

काम अच्छे के लिये होता है।

kaam achchhe ke liye hotaa hai.”

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Hur Every Shikaar Hunting Samman Respect
kaam  Work Khelne  Play Bandook  Gun
Theek Right / Fine Maargdarshan Guidance Ghoda Horse
Bidak  Agitated Neeche  Down Gir Fall
Choti anguli Pinki- finger Kut Cut Bola said
Jo  kuchh   bhee hota hai Whatever happens Acche ke liye hota hai  happens for good Hawaalaat   Prison
Bund Shut Bheel Tribal Krodha Anger
Khandit Broken/ devided Pundit Priest kshamaa  Pardon
Yogya Eligible Bali Sacrifice Chod diya Left him
Samman respect/ reward        


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