अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
06.15.2017


नया प्रेम

एक समुन्दर यहाँ है
यहाँ
हमारे अंदर
जिसमें से नदियाँ निकलती हैं
एक समुन्दर वहाँ है
वहाँ
आप की हमारी दुनिया में
जिसमें नदियाँ आकर मिलती हैं।
नया प्रेम है
मिलने जैसा मिलना है
बिछड़ने जैसा बिछड़ना है!


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें