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05.03.2012
 
"चूड़ीवाला और अन्य कहानियाँ" – उत्तरी अमेरिका के गद्य लेखन की नई किरण
सुमन कुमार घई


चूड़ीवाला और अन्य कहानियाँ
लेखक: अमरेन्द्र कुमार
प्रकाशक: पेंगुइन बुक्स
मूल्य: रु. १२५
पृष्ठसंख्या : १७५

सम्पर्क: www.penguinbooksindia.com

"कहानी शब्दों का संकलन मात्र नहीं है। यह मनुष्य की अनुभूत मनोदशाओं का एक पूरा दस्तावेज़ है। यह एक ऐसी दुनिया है जहाँ सब कुछ अपना है – पात्र, परिवेश, परिस्थिति, आरंभ, विकास और परिणति। कहानी का अंत कभी नहीं होता। उसमें एक विराम आ जाता है।"- अमरेन्द्र कुमार

चूड़ीवाला और अन्य कहानियाँ अमरेन्द्र कुमार की आठ कहानियों का संकलन है। जैसा कि ऊपर की उक्ति में अमरेन्द्र कहते हैं – वह इस पुस्तक की या उनकी कहानियों की वास्तविकता है। कहानियाँ आम भाषा में पात्रों की/लेखक की अनुभूतियों को पाठकों तक पहुँचाती हैं। कहानियाँ सहज पठनीय व रोचक हैं। एक बार कहानी पढ़नी शुरू करने के बाद उसे बीच में छोड़ने को मन नहीं करता और पाठक विवशता पूर्वक पन्ने के बाद पन्ना पढ़ता चला जाता है।

कहानियों की पृष्ठभूमि लेखक की पृष्ठभूमि की तरह भारत व विदेश है। प्रायः लेखक के व्यक्तिगत अनुभव अथवा उसके आस-पास का घटनाक्रम उसके लेखन में उभरता है – अन्तर केवल उसे व्यक्त करने की कुशलता में होता है। अमरेन्द्र का लेखन कौशल पुस्तक के पहले पन्ने से अन्त तक छाया रहता है। लेखक के प्रतीक, रूपक व उसका आत्म विवेचन बार-बार पाठक को रुक कर सोचने के लिए विवश करता है। १७५ पन्ने की पुस्तक को समीक्षक व आलोचक समय तक गुनते रहेंगे पर साहित्य प्रेमियों और आधुनिक कहानी के प्रेमियों के लिये अमरेन्द्र की कहानियाँ एक ताज़ा हवा के झोंके की तरह है। इंग्लैंड में तो कई अच्छे कहानीकार हैं परन्तु उत्तरी अमेरिका में इसका अभाव है। अमरेन्द्र कुमार के इस कहानी संग्रह से एक आशा की किरण दिखाई देती है। साहित्य कुंज के आने वाले अंकों में "चूड़ीवाला और अन्य कहानियाँ" की चर्चा अवश्य ही होती रहेगी।

लेखक और साहित्य कुंज की अमरेन्द्र जी को हार्दिक बधाई!



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