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08.28.2016


घर मेरा है नाम किसी का

घर मेरा है नाम किसी का
और निकलता काम किसी का

मेरी मिहनत और पसीना
होता है आराम किसी का

कोई आकर ज़हर उगलता
शहर हुआ बदनाम किसी का

गद्दी पर दिखता है कोई
कसता रोज़ लगाम किसी का

लाखों मरते रोटी ख़ातिर
सड़ता है बादाम किसी का

जीसस, अल्ला जब मेरे हैं
कैसे कह दूँ राम किसी का

साथी कोई कहीं गिरे ना
हाथ सुमन लो थाम किसी का


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