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ISSN 2292-9754

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01.04.2015


अपने आँचल में ही छुपा ले माँ

अपने आँचल में ही छुपा ले माँ।
मुझे इस दुनियाँ से बचा ले माँ।

आज ये पाँव थक गये फिर से।
गोद में फिर मुझे उठा ले माँ।

सारी जन्नत उतार लूँ दिल में।
मुझको अपने गले लगा ले माँ।

अपने हाथों मुझे खिलाया है।
मेरे हाथों से तू भी खा ले माँ।

बिन तेरे एक पल नही जीना।
पास अपने मुझे बुला ले माँ।

तू ही आकर मुझे मनायेगी।
शौक से तू मुझे सता ले माँ।

मुझको अरमाँ नही है जीने का।
ज़िन्दगी से मुझे चुरा ले माँ।

चैन की साँस ले सकूँ फिर से।
अपनी गोदी मुझे बिठा ले माँ।

ज़िन्दगी का शबाब पा लूँ गर।
साथ मे चार पल बिता ले माँ।

तेरे कदमों में ही रहेगा 'शिव'।
क़ब्र में भी मुझे लिटा ले माँ।


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