अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
09.26.2017


बन्धु बताओ!

बन्धु बताओ!
बदलें कैसे?
चलें समय के साथ

बचपन की
आचारसंहिता
आड़े आती रोज़
निडर परिस्थिति
गड़हा खोदी
गाड़े जाती ओज
अवसरवादी
वह चौराहा
बढ़ा रहा है हाथ

अंकगणित का
यह सिखलाना
सोलह आधा आठ
बीजगणित का
मानक अक्षर
संख्या जैसा पाठ
रेखाओं का
गणित हथेली
खींच रही है नाथ

परिवर्तन पर
वर्तमान का
पूरा है अधिकार
लोकलीक से
लगा हटाने
पश्चिम का सिंगार
अँधियारे में
कौन दिखाये ?
कोई सच्चा पाथ


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें