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ISSN 2292-9754

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02.27.2016


अब नये शहरों के

अब नये शहरों के जब नक्शे बनाए जाएँगे,
हर गली बस्ती में कुछ मरघट दिखाए जाएँगे।

ग़ैर मुमकिन ये कि हम फुटपाथ पर भी चल सकें,
क्योंकि हर फुटपाथ पर बिस्तर बिछाए जाएँगे।

जिस जगह तक हर इमारत की पड़े छाया वहाँ से,
झोपड़ों में रहने वाले सब हटाए जाएँगे।

चील कौओं के लिए भी ठूँठ कुछ सूखे हुए,
हर इबादतगाह के बाहर लगाए जाएँगे।

जो पड़ोसी के कभी दुख दर्द में शामिल न हो,
उस शहर में आदमी ऐसे बसाए जाएँगे।

ऐसी कुछ आबोहवा मौज़ूद होगी हर जगह,
जो भी लेंगे साँस वे बीमार पाए जाएँगे।


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