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ISSN 2292-9754

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03.31.2017


चूहे का ब्याह

इथोपिया की लोककथा

एक बार एक ख़ूबसूरत सफ़ेद चूहे ने जन्म लिया। जब वह जवान हुआ उसके मित्र और उसका परिवार उसके सुंदर चेहरे, उसकी शाही चाल-ढाल और उसकी निर्दोष श्वेत रंगत को देखकर ठगे-से रह गए।

उसके माता-पिता आपस में बातें करते, "इस परम सुंदर युवा के लिए हमें योग्य वधू कहाँ मिलेगी?"

अंततः जब उसके लिए पत्नी तलाश करने का वक़्त आ गया तब उन्होंने निश्चय किया कि सर्वगुण सम्पन्न इस प्राणी के लिए वधू तो सिर्फ ईश्वर के परिवार में ही मिलेगी।

अतः, रिवाज के अनुसार, परिवार के तीन बुज़ुर्ग व्यक्ति चुने गए जो ख़ूबसूरत युवा चूहे के लिए ईश्वर से उनके परिवार की किसी योग्य लड़की माँगें। वे ईश्वर के पास गए और उसके घर के दरवाज़े के पास जाकर खड़े हो गए।

"आप लोग दरवाज़े पर क्यों खड़े हैं?" ईश्वर ने पूछा। यह घर में प्रवेश करने का आमंत्रण था।

वे अंदर चले गए और कहा, "एक सुंदर सफ़ेद युवा चूहे के परिवार ने हमें भेजा है। इस चूहे के बारे में आपने अवश्य सुना होगा। वह बर्फ़ की तरह सफ़ेद रंगत का है और सभी प्राणियों में सबसे सुंदर है। हम उसके योग्य एक वधू की तलाश में निकले हैं। उसके लिए हमें आपके परिवार से ही कन्या प्राप्त हो सकती है क्योंकि आपका परिवार संसार में सबसे बड़ा और शक्तिशाली है।"

ईश्वर ने कुछ क्षणों तक सोचा और आगंतुकों की ओर देखकर मुस्कराए। फिर कहा, "आपका विचार अच्छा है। यह उचित ही है कि युवा चूहे के लिए उपयुक्त पत्नी मिले। लेकिन दुख की बात है कि तुम ग़लत द्वार पर आए हो। हमसे भी शक्तिशाली एक अन्य परिवार है और वह है वायु का परिवार।"

संदेशवाहकों ने पूछा, "क्या आप वायु से ताकतवर नहीं हैं?"

"अक्सर लोग ऐसा ही सोचते हैं। लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। वायु तो मुझसे भी अधिक शक्तिशाली है। जब वायु प्रचंड वेग से चलता है वह पृथ्वी को धूल से भर देता है, यहाँ तक कि वह मेरी आँखों में भी धूल भर देता है। इससे तुम जान सकते हो कि वह हमसे भी बलशाली है।"

\संदेशवाहकों ने परस्पर मशविरा किया और इस बात से सहमत हो गए कि वायु का परिवार ही योग्य है।

उन्होंने ईश्वर से पूछा, "वायु का घर कहाँ है?"

ईश्वर मुस्कराए और उन्होंनेउँ से इशारा किया और वे चले गए।

जब वे वायु के घर पहुँचे तो दरवाज़े पर खड़े हो गए। वायु ने पूछा, "आप लोग दरवाज़े पर क्यों खड़े हैं?" वे अंदर चले गए।

"चूहों में सबसे उत्तम वर के लिए हम वधू तलाश कर रहे हैं," उन्होंने कहा, "हम ईश्वर के घर गए थे लेकिन उन्होंने कहा कि उनसे भी अधिक आप बलशाली हैं। इसलिए हम यहाँ अपने चूहे के लिए आपकी पुत्री का हाथ माँगने आए हैं।"

वायु से यह सुना और विचार किया। अंततः उसने कहा, "तुम्हारा विचार उत्तम है इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूँ। लेकिन मैं सबसे शक्तिशाली नहीं हूँ। जब मैं अपने पूरे ज़ोर से चलता हूँ तो धूल छा देता हूँ, वृक्षों को उखाड़ देता हूँ। मैं चाहे कितनी तेज़ी से चलूँ लेकिन पर्वत को नहीं हिला पाता। तब मैं चुपचाप लौट आता हूँ। अतः पर्वत मुझसे अधिक शक्तिशाली हैं। आप उसके यहाँ जाएँ।"

संदेशवाहकों ने पूछा, "पर्वत का घर कहाँ है?"

वायु ने पर्वत के घर की ओर इशारा किया और वे धन्यवाद देकर चल दिए।

अब वे पर्वत के घर आए तो बाहर खड़े हो गए। पर्वत ने पूछा, "आप लोग बाहर क्यों खड़े हैं?" वे भीतर गए और रिवाज के अनुसार पर्वत ने उनका स्वागत किया।

"आप लोग कैसे हैं? क्या आप कोई शुभ समाचार लाए हैं? आपके मवेशी कैसे हैं? आपके बच्चे कैसे हैं?" पर्वत ने पूछा।

उन्होंने नम्रता से उत्तर दिया, फिर सुंदर चूहे के बारे में बताया जिसके लिए वे योग्य वधू की तलाश कर रहे थे। जो उन्होंने कहा पर्वत ने ध्यानपूर्वक सुना और जब वे कह चुके तो वह बोला, "हाँ, यह ठीक ही है कि ऐसे सुंदर प्राणी को उत्तम पत्नी मिले। परंतु ऐसी कन्या हमारे परिवार से नहीं मिल सकेगी। मुझसे भी शक्तिशाली एक और परिवार है। वह रात-दिन मेरी जड़ें खोदता रहता है। वह मेरे किनारों पर छेद बना देता है और मैं टुकड़े-टुकड़े हो जाता हूँ। उसका परिवार सबसे अधिक शक्तिशाली है।"

"अच्छा! ऐसा प्राणी तो शक्तिशाली होगा ही!" संदेशवाहकों ने कहा, "हमें वह कहाँ मिल सकता है?"

पर्वत ने उनके घर की ओर इशारा कर दिया और संदेशवाहक चले गए। यह घर एक चूहे का था।

"आप लोग दरवाज़े के सामने क्यों खड़े हैं?" चूहे ने पूछा। वे अंदर चले गए।

एक बार फिर उन्होंने अपने आने का कारण बताया। चूहे ने उनकी बात सुनकर कहा, "आपके बेटे के लिए समझो वधू मिल गई है। कितनी प्रसन्नता की बात है कि हमारे असाधारण परिवारों का गठबंधन होगा।"

और इस प्रकार सुंदर सफ़ेद चूहे ने पत्नी पा ली जो उसके योग्य थी।


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