अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
12.30.2015


लूट का सबसे बड़ा धंधा

लूट का सबसे बड़ा धंधा कोई मिल जाए तो
मैं लूट लूँ सब कुछ अगर अंधा कोई मिल जाए तो

काम सब हो जाएँगे तू काम की मत फ़िक्र कर
साथ मेरे चल सके बंदा कोई मिल जाए तो

क्या करेंगे साफ़ छवि हम साफ़ को ही साफ़ कर दें
आदमी हमको अगर गंदा कोई मिल जाए तो

मैं थूक दूँ सूरज पे भी सूरज की क्या औक़ात है
मैं भून दूँ सूरज को भी चंदा कोई मिल जाए तो


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें