प्रो. हरिशंकर आदेश


कविताएँ

किस ओर चलूँ मैं
चाहे कितने दीप जलाना
दीप
दीपमाला
नए वर्ष का नया सवेरा
नवल वर्ष की मंगल कामनाएँ
फागुन आया रे!!
फागुन का मादक मास प्रिये!मयन जाग जाए
वर्ष तो गया
समय की वर्ष गाँठ
समय ही नहीं है
महाकाव्य
शकुन्तला

खण्ड काव्य
मनोव्यथा

कहानियाँ
जलजात

आलेख
स्वस्थ और सुखी जीवन का प्रतीक पर्व : दीपावली

पुस्तक समीक्षा

"शताब्दी के स्वर" महाकवि प्रो. हरि शंकर आदेश की एक कालजयी कृति: समीक्षक - परमात्मा स्वरूप भारती

प्रवासी महाकवि आदेश कृत - प्रथम भारतेतर महाकाव्य अनुराग के विषय में - लेखक-श्री गिरीश पाण्डेय

आशा बर्मन की प्रथम पुस्तक "कही-अनकही" के संदर्भ में - महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश