अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
10.10.2018


सरदी के दिन

सुबह-सवेरे हवा चल रही,
कैसे करें पढ़ाई।
तनिक बताओ हमको दादा,
सरदी क्यों है आई॥1॥

शाल-दुशाले हम खरीदेंगे,
पर है कितनी महँगाई।
आ गये है सरदी के दिन,
कैसे करें पढ़ाई॥2॥

सरदी के दिन सचमुच लगते,
सबको है दुखदाई।
सुबह-सवेरे हम तो दादा,
कैसे करें पढ़ाई॥3॥


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें