अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
01.23.2019


चलो मंगल ग्रह में

हमने भी भेज दिये हैं बच्चो,
मंगल ग्रह को यह संदेश।
सकल जहां से कम नहीं है,
अपना प्यारा भारत देश॥1॥

मंगल ग्रह के राजा को हम,
देश का हाल सुनायेंगे।
देश कैसे बढ़ेगा आगे,
सबक यही सीख आयेंगे॥2॥

मंगल वाले दुनियाँ का सच,
चहुँ ओर बगरायेंगे।
चलो-चलें जी मंगल ग्रह में,
हम सबको समझायेंगे॥3॥

यहाँ बढ़ रही है जनसंख्या,
चलो वहाँ सब जायेंगे।
मंगल ग्रह की नगरी में हम,
गीत ख़ुशी के गायेंगे॥4॥


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें