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ISSN 2292-9754

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07.14.2017


आ फिर से मिल

फिर से किसी रेल के डिब्बे में आ
बैठ मेरी बगल या सामने वाली सीट पर
एक अजनबी की तरह
यह सफ़र कुछ बोझिल सा हो गया हैं
कुछ दीवारें खड़ी हो गयी हैं तेरे और मेरे दरम्यान

तू फिर से मिल एक अजनबी की तरह
बारिश में भीगते हुए किसी बस स्टॉप पर
मुझसे नज़रें मिला
पूछ मेरे बारे में मेरा नाम पता
मेरी ख़्वाहिशे मेरी पसंद
मैं भी तुझे देखूँ
पहली दफ़ा की तरह बतलाने की कोशिश करूँ
फिर वही रेड रोज़ लेकर किसी राह पर तेरा इंतज़ार करूँ
तुमसे दोस्ती का हाथ बढ़ाऊँ

तू फिर से मुझे मिल किसी अजनबी की तरह
किसी रेल के डिब्बे में
किसी बस स्टॉप पर भीगते हुए
ताकि फिर से में वक़्त निकाल सकूँ
एक नई दोस्ती के लिए
इस भागदौड़ की ज़िंदगी में


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