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ISSN 2292-9754

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06.28.2014


नेता में खोट है

नेता में खोट है
हाँ रोशन कोट है

देख तो संत को
कच्ची लंगोट है

गुंडे अब क्यों डरें
नेता की ओट है

ज़ख्म ताज़ा लगे
इश्क़ की चोट है

सख़्त है बाप, गो
कोई अखरोट है

क्षेत्र मतदान का
आदमी वोट है

आदमी देख तो
सिर्फ रोबोट है

देख गुमनाम ये
दुनिया तो नोट है


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