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ISSN 2292-9754

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10.18.2017


मुस्कुराने के लिए भी

बच्चे खेल रहे थे
क्रिकेट
अच्छे मूड में
और तभी
पड़ोसी छीन ले गया गेंद

पड़ोसिनें तैयार हुईं थीं
जाने के लिए मन्दिर
अच्छे मूड में
और तभी
एक पड़ोसिन के पति
ले गये
अपनी पत्नी को गुस्से में

रविवार को
वह देख रहा था सीरियल
अच्छे मूड में
और तभी
बॉस का आ गया फ़ोन
बुला रहे थे ऑफ़िस

दादाजी निकालकर लाये थे
पेंशन
अच्छे मूड में
और तभी
एक पेंशनर साथी
आया उदास
माँग रहा था रुपये उधार

कितनी मज़बूर है ज़िन्दगी
मुस्कुराने के लिए भी!


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