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ISSN 2292-9754

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09.05.2017


खिड़की मर गई है

खिड़की सदा के लिए बंद हो गई है
वह अब बाहर नहीं झाँकती
ताज़ी हवा से नाता टूट गया
सूरज अब दिखता नहीं
पेड़ पौधे ओट में चले गए
बिचारी खिड़की
उमस से लथपथ
घुट रही है
मानव को कोस रही है
जिसने
उसके आसमान को ढँक दिया है
खिड़की उजाले से ही नहीं
अँधेरों से भी नाता तोड़ चुकी है
खिड़की सदा के लिए बंद हो गई है
गोया खिड़की मर गई है।


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