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ISSN 2292-9754

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02.23.2015


आँसू लाख पीर पचहत्तर

आँसू लाख पीर पचहत्तर
हमसे भी अधीर पचहत्तर

मिटा नहीं अन्याय जहाँ से
वैसे शूर वीर पचहत्तर

बिना लिए कुछ दुआ न देते
ऐसे हैं फकीर पचहत्तर

राँझाओं में हुई गिरावट
रखते संग हीर पचहत्तर

मंज़िल में ही भटक रहे हैं
राहें राहगीर पचहत्तर

लाखों हंस यहाँ बैठे हैं
करते नीर छीर पचहत्तर

पत्थर का सीना रखते हैं
मारो यार तीर पचहत्तर


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