अपर्णा बाजपेई

कविता
ओ बेआवाज़ लड़कियो!
दूसरी औरत से प्रेम
बिनब्याही
लंच बॉक्स से झाँकता समाजवाद
भूख का इंक़लाब
माँग का मौसम
सरकारी दस्तावेज़ों में थर्ड जेंडर हूँ