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ISSN 2292-9754

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01.29.2016


कौन मरना चाहता है

कौन मरना चाहता है, प्यार में तेरे सनम,
संग रहने को तेरे लेते रहेंगे सौ-सौ जन्म।

बीत जाता है हरेक पल, तुम जो मेरे साथ रहो,
तुम जो मेरे साथ नहीं, तो भारी पड़ जाते क़दम।

आसमां खुल कर बरसता, खोल दो गेसू जो तुम,
ये बहारें ख़ुद-ब-ख़ुद ही आतीं, जो करती शरम।

ये नज़ारे होश में रहते कहाँ हैं तेरे बिना,
तुम नहीं तो सारी दुनिया लगती है हमको ख़त्म।

आ तो जाये नींद पर सपने करेंगें तंग मुझे,
जाग कर भी क्या करूँ, होता है बस तेरा भ्रम।


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