अन्तरजाल पर आपकी मासिक पत्रिका

अन्तरजाल पर साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली
वर्ष: 13, अंक 115,  फरवरी प्रथम अंक, 2017
ISSN 2292-9754

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित। साहित्य कुंज में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और साहित्य कुंज टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।
सम्पादक:- सुमन कुमार घई; साहित्यिक परामर्श:- डॉ. शैलजा सक्सेना; सहायता - विजय विक्रान्त; संरक्षक - महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश

कविता  नवगीत  |  शायरी  |  कहानी  |  लघु-कथा  |  सांस्कृतिक-कथा  |  आपबीती  |  आलेख  |  महाकाव्य  |
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सम्पादकीय: नींव के पत्थर - लेखन एक शिल्प है। इसके लिए केवल सृजनात्मक भाव ही पर्याप्त नहीं, तकनीकी ज्ञान भी आवश्यक है; भाषा और व्याकरण इस कला की नींव के पहले दो पत्थर हैं। इनका मज़बूत होना अनिवार्य है। पूरा पढ़ें...

आपके पत्र - शुद्ध लेखन युक्तियाँ - पुस्तक बाज़ार.कॉम -
 इस स्तंभ में साहित्य कुंज व हिन्दी साहित्य के बारे में आपके पत्र प्रकाशित किए जायेंगे।
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इस अंक के पत्र -
१. हिन्दी व्याकरण -
    कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय  
    भारतकोश
    हिन्दी साहित्य\
२. कविता का व्याकरण एवं छंद - भारतकोश

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पुस्तक बाज़ार के नये प्रकाशन
इस अंक की कहानियाँ -
थोड़ी देर और....
डॉ. शैलजा सक्सेना
ग़लतफ़हमी
अखिल भंडारी
परित्यक्त
 डॉ. आरती स्मित
हास्य-व्यंग्य - (आलेख) हास्य-व्यंग्य - कविता - सांस्कृतिक-कथा -
चमचा अलंकरण समारोह - डॉ. अशोक गौतम
जो ना समझे वो अनाड़ी है - सुशील यादव

(जूलूलैंड की लोककथा)
बैबून और ज़ेबरा
डॉ. रश्मि शील
बाल साहित्य - लघु कथा -  साक्षात्कार-
जब दुर्गावती रण में निकलीं - प्रभुदयाल श्रीवास्तव
पाठशाला से जब घर जाते बच्चे - अर्चना सिंह "जया"
संवेदना - सत्या शर्मा "कीर्ति"
अपना ठिकाना - आशीष कुमार त्रिवेदी
तमाशबीन, तलाश - डॉ. उषा त्यागी
नकारने का रोग, डॉ. चकोर, सभी चोर हैं तो - सुभाष चन्द्र लखेड़ा
बादशाह पर जुर्माना - डॉ. रश्मि शील

आलेख शृंखला - साहित्य और सिनेमा -  शोध निबन्ध -  
इसी बहाने से-
मेपल तले, कविता पले
समीक्षा - 7
डॉ. शैलजा सक्सेना

शॉर्लट ब्रांटे की अमर कथाकृति : जेन एयर
प्रो. एम. वेंकटेश्वर
तुलसी साहिब का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी कोहरे में -  डॉ. आरती स्मित
भारतेंदु-पूर्व हिंदी गद्य का विकास - डॉ. योगेश राव
लोक साहित्य में सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना (हरियाणा के विशेष सन्दर्भ में) -  डॉ. निशा शर्मा
कॉमेडी की भाषा: हिंदी में अनूदित शेक्सपियर के सुखांत नाटक का अध्ययन - डॉ. कंचन वर्मा
आलेख - शोध निबन्ध -  अनूदित साहित्य
विभाजन के बाद सिंधी लेखिकाओं का सिंधी साहित्य में संघर्ष - देवी नागरानी
मनुस्मृति के बहाने - निहारिका मिश्र
बुद्धचरितम् में प्रस्तुत स्वभाववाद - काजल ओझा
शोध प्रविधि का व्यावहारिक महत्व कालिदास के नाटकों के विशेष संदर्भ में - मेधाविनी तुरे
नृत्य और नाटक का प्रस्तुति पक्ष - डॉ. कुलीन कुमार जोशी

 
कविताएँ - शायरी -
सिमटा हुआ आदमी - विजयानंद विजय
बचा रहे आपस का प्रेम, मेरा कहा कहाँ सुनती हो माँ!, रच लेता है अक्सर - माधव नागदा
तुम मेरी कविता, बँटवारा, हीरा है सदा के लिए - उत्तम टेकड़ीवाल
तुम भी न बस कमाल हो, देर कर दी..., प्रलय... - डॉ. जेन्नी शबनम
शांति, झोंका, क्या वो बच जाती? - अमर परमार
बंधन, ग़रीब, वो चूल्हा - शबनम शर्मा
शहीदों के नाम-  सत्या शर्मा "कीर्ति"
जिज्ञासा, कल, आगे क्या करना है - शर्मिला कुमारी
वो धोती–पगड़ी वाला, वह अब भी ढो रही है - डॉ. कविता भट्ट
जीवन कुरुक्षेत्र, काश…!, एक उड़ान, आशाओं का रवि, इक इब्तिदा - नेहा दुबे
द्वारे बैठी राधिका, काया क्षणभंगुर सुनो, तीखी वाणी बोलते - अनहद गुंजन "गूँज"
उस दिन - साधना सिंह

जो वफ़ा की बात करते हैं - रामश्याम हसीन
चल पड़े हम उसी सफ़र के लिये - ऋतु कौशिक
गलियों गलियों शोर मचा है, कभी तो अपनी हद से निकल, मिलने जुलने का इक बहाना हो - अखिल भंडारी
मग़रूर तेरी राहें - मनजीत कौर
किस क़दर है तुमने ठुकराया मुझे - आहद खान
पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा- 

"क्योंकि ...औरत ने प्यार किया"
फिरोज़ा रफीक

प्रथम दृष्टया
सूर्य प्रसाद शुक्ल
  
लाश एवं अन्य कहानियाँ
डॉ. शैलजा सक्सेना
यात्रा संस्मरण - यात्रा संस्मरण - आप-बीती / संस्मरण -
कनाडा डायरी के पन्ने
15_नाट्य उत्सव “अरंगेत्रम”
सुधा भार्गव
  हादसे का सफ़र - विजयानंद विजय
साहित्यिक समाचार -

गुर्रमकोंडा नीरजा विद्यासागर उपाधि से अलंकृत
गोइन्का पुरस्कार/ सम्मान की घोषणा
श्यामसुन्दर गोइन्का

राजमहेंद्रवरम में प्रो. ऋषभदेव शर्मा का षष्ठिपूर्ति समारोह संपन्न
डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा
ई - पुस्तकालय - (इस स्तम्भ में पुस्तकों का प्रकाशन धारावाहिक रूप में होगा) संकलन -

भीगे पंख
लेखक : महेश द्विवेदी
रज़िया /एक/ (१)

शकुन्तला
पूर्व खण्ड - प्रथम सर्ग
उदय-
7 8 9 10

महादेवी वर्मा
डॉ. हरिवंश राय बच्चन
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
त्रिलोचन शास्त्री
नागार्जुन
सूचना - साहित्य संगम -
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