अन्तरजाल पर आपकी मासिक पत्रिका

अन्तरजाल पर साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली
वर्ष: 10, अंक 99,  मार्च प्रथम अंक, 2015
ISSN 2292-9754

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित। साहित्य कुंज में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और साहित्य कुंज टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।
सम्पादक:- सुमन कुमार घई; साहित्यिक परामर्श:- डॉ. शैलजा सक्सेना; सहायता - विजय विक्रान्त; संरक्षक - महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश

कविता  नवगीत  |  शायरी  |  कहानी  |  लघु-कथा  |  सांस्कृतिक-कथा  |  आपबीती  |  आलेख  |  महाकाव्य  |
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सम्पादकीय:
इस बार साहित्य कुंज के प्रकाशन में एक बार फिर देर हो गयी। फरवरी माह के पहले अंक के बाद मार्च का मध्य होने को आया है और अब अंक प्रकाशित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। कल सोच रहा था कि जब साहित्य कुंज आरम्भ .... आगे पढ़िए

इस अंक में कहानियाँ -
लौटने की राह
डॉ. रश्मि शील
जन्नत
एस.एस. हुसैन
गुल्लू उर्फ उल्लू
विक्रम सिंह
हास्य - व्यंग्य - बाल साहित्य - लघु कथा -
सबसे सस्ते दिन - अजय चंदेल
बिजली क्यूँ चमके, बादल क्यूँ गरजें?, निराला तांगे वाला! - अशोक परुथी "मतवाला"
होली - रमेश ‘आचार्य’
कल के प्रश्न - प्रभुदयाल श्रीवास्तव
आग, इज़्ज़त का सवाल, छोटी सी चिड़िया, अब नगर शांत है, जोरू का गुलाम - गोवर्धन यादव
कौन है दोषी? - मधु शर्मा
नया वर्ष - ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’
वक़्त -वक़्त की बात - प्राण शर्मा
आलेख - साहित्य और सिनेमा -  शोध निबन्ध -  
हिंदी के लिए लिपि - रोमन अथवा देवनागरी - बी.एन. गोयल
मेरी हवाओं में रहेगी, ख़यालों की बिजली - शैलेन्द्र चौहान
हिन्दी का वाणिज्यिकरण - डॉ. मोहम्मद मज़ीद मिया
समर्थ शिक्षा एवम् वर्तमान शिक्षा - डॉ. एलोक शर्मा

स्त्री जीवन की त्रासदी "टेस - ऑफ द ड्यूबरविल"  
डॉ. एम वेंकटेश्वर
नानक सिंह एवम् प्रेमचंद का जीवन दर्शन और साहित्यिक मान्यताएँ - सुरजीत सिंह वरवाल
शारीरिक विकलांगता: संरचनात्मक दृष्टिकोण (सामाजिक) - डॉ. महेन्द्र सिंह धाकड़
रघुवीर सहाय की कविता में राजनीतिक व्यंग्य - दयाराम
रीतिमुक्त काव्य में अभिव्यक्त समाज और लोक-जीवन (बोधा के विशेष सन्दर्भ में) - सन्तोष विश्नोई
साहित्यिक निबन्ध - साक्षात्कार -  अनूदित साहित्य
हिन्दी साहित्य में चातक (पपीहा) की लोकप्रियता
डॉ. छोटे लाल गुप्ता
'प्रेम एक स्थायी भाव और अनिवार्य जीवन-शर्त है' - डॉ. दामोदर खड़से
सुमीता प्रवीण
अनाम-तस्वीर
मूल कहानी: गोपा नायक
दिनेश कुमार माली
कविताएँ - शायरी -
जब कोई किसी को याद करता है, आज अचानक हुई बारिश में, जीवन के तीस बसंत के बाद - डॉ. मनीषकुमार सी. मिश्रा
प्रगति और प्रकृति - प्रवीण शर्मा
व्यथित मन की अरदास, नारी हूँ मैं, बंद किवाड़ों से अक्सर, प्रेम : आकाश है - डॉ. शिप्रा शिल्पी
उलटे चलते लोग - समितिंजय शुक्ल
एक सूखा गुलाब, इस सदी का चाँद, उफ! ये बच्चे, ख़बर का असर - विमला भंडारी
उठो जागो...(गीत), अरे कोई तो बतलाओ - विश्वम्भर पाण्डेय 'व्यग्र'
सब तुम्हें पाने को है - विनय अग्रहरि
आई बासंती बयार सखी, होरी है…… - उषा रानी बंसल
लगता है!! - कविता गुप्ता
बसंत, सखी तू क्यों भई उदास - अ कीर्तिवर्धन
चाह - भूपेंद्र कुमार दवे
आशा के चौखट पर- आशुतोष मिश्रा
मैं वो गीत ढूँढ़ता हूँ - अनुराग सिंह
संवादों पे सांकल, बबूल एक शाश्वत सत्य है - डॉ. अमिता शर्मा
मैं चाहूँ - सुरिन्द्र कौर
आसाँ सा काम - डॉ. अनिल चड्डा
कटी पतंग के डोर नहीं हम, आँसू लाख पीर पचहत्तर, जब तक निजी है पूँजी.. - आर्य हरीश "कोशलपुरी"
मेरी पलकों की नमी, जीने नहीं दिया - सपना मांगलिक
हर सू हर शै में..., पा रहा दिल यहाँ साथ भरपूर है - दिलबाग विर्क
हवा में, धूप में, मिट्टी में और पानी में, तसल्लियाँ ही झूठी दे के - रमेश तैलंग
पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा- 

पंद्रह सिंधी कहानियाँ
खेमन मूलाणी

इक उम्मीद से दिल बहलता रहा
अभिजीत

कबीरदास की कविता एवं संवाद
डॉ. मोहम्मद मज़ीद मिया
     
यात्रा संस्मरण - संस्मरण-  संकलन -

उत्तराखंड के अनदेखे पर्यटक स्थल... माँ पुण्यागिरि देवी
डॉ. अशोक कुमार शुक्ला
डायरी के पन्ने
8 अप्रैल 2003 -
कनाडा सफ़र के अजब अनूठे रंग
सुधा भार्गव
इस अंक में
महादेवी वर्मा
डॉ. हरिवंश राय बच्चन
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
त्रिलोचन शास्त्री
नागार्जुन
ई - पुस्तकालय - (इस स्तम्भ के अन्तर्गत पुस्तकों का प्रकाशन धारावाहिक रूप में होगा)

भीगे पंख
लेखक : महेश द्विवेदी
सतिया का जन्म - 3
 
शकुन्तला
इस अंक में चतुर्थ सर्ग - प्रमोद ६ महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश
(अगले अंक से)
साहित्यिक समाचार -

वर्ष 2014 के लिए "ढींगरा फाउंडेशन-हिन्दी चेतना अंतर्राष्ट्रीय साहित्य सम्मानों" की घोषणा
डॉ. सुधा ओम ढींगरा

नई सदी की हिंदी कविता पर द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा
सूचना - साहित्य संगम -
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